BAFTA 2026 में इतिहास रच गई मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’, हॉलीवुड दिग्गज भी रह गए पीछे

BAFTA 2026

कभी-कभी सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं रहता, वह उम्मीद बन जाता है। BAFTA 2026 में मणिपुरी भाषा की फिल्म ‘बूंग’ ने ठीक ऐसा ही कर दिखाया। सीमित बजट, लोकल भाषा और बेहद सादगी से बनी इस फिल्म ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मंचों में से एक पर वो कर दिखाया, जो अक्सर बड़ी-बड़ी फिल्मों के हिस्से आता है। यह जीत सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं, बल्कि उस विश्वास की जीत है कि सच्ची कहानियां किसी भाषा, बजट या मार्केट से बंधी नहीं होतीं।

BAFTA 2026 में ‘बूंग’ की ऐतिहासिक जीत

लंदन में आयोजित British Academy of Film and Television Arts (BAFTA 2026) अवॉर्ड्स में मणिपुरी फीचर फिल्म बूंग ने Children’s & Family Film कैटेगरी में अवॉर्ड अपने नाम किया।खास बात यह रही कि इस कैटेगरी में फिल्म का मुकाबला उन अंतरराष्ट्रीय फिल्मों से था, जिनकी कमाई अरबों डॉलर में रही है। इसके बावजूद ‘बूंग’ ने ज्यूरी और दर्शकों का दिल जीत लिया। यह जीत बताती है कि भावनाओं की सच्चाई और कहानी की गहराई, बड़े विजुअल इफेक्ट्स से कहीं ज्यादा असरदार हो सकती है।

BAFTA 2026

हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे

‘बूंग’ की इस जीत को और भी खास बनाता है उसका मुकाबला। इस फिल्म ने

  • Zootopia 2,
  • Arco
  • Lilo & Stitch

जैसी चर्चित और बड़े बजट की फिल्मों को पीछे छोड़ दिया। जहां ये फिल्में ग्लोबल ब्रांड और मार्केटिंग मशीनरी के साथ आई थीं, वहीं ‘बूंग’ सिर्फ अपनी कहानी और भावनात्मक सच्चाई के सहारे खड़ी रही — और जीत गई।

निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी का भावुक संदेश

अवॉर्ड स्वीकार करते समय लेखिका-निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी की आंखों में खुशी के साथ-साथ चिंता भी साफ दिखी। मंच से उन्होंने अपने गृह राज्य मणिपुर के लिए शांति की प्रार्थना की। यह उनकी पहली फीचर फिल्म है, और पहली ही फिल्म में BAFTA जीतना किसी सपने के सच होने जैसा है। उनका भाषण इस बात की याद दिलाता है कि सिनेमा सिर्फ ग्लैमर नहीं, समाज से जुड़ा एक संवेदनशील माध्यम भी है।

See also  Holika Dahan 2026: आस्था, मुहूर्त और सावधानी का पर्व

निर्माता, मंच और समारोह की खास झलक

लंदन के प्रतिष्ठित Royal Festival Hall में हुए इस समारोह में फिल्म के निर्माता Farhan Akhtar और Ritesh Sidhwani भी मौजूद थे। अवॉर्ड प्रेज़ेंट करने के लिए मंच पर आईं अभिनेत्री Alia Bhatt ने अपने भाषण की शुरुआत हिंदी में की, जिसने वहां मौजूद दर्शकों को चौंका दिया। वहीं In Memoriam सेगमेंट में दिवंगत भारतीय दिग्गज अभिनेता Dharmendra को भी श्रद्धांजलि दी गई।

BAFTA 2026

BAFTA 2026 में अन्य बड़ी जीतें

इस साल BAFTA 2026 में कई चर्चित फिल्मों का दबदबा देखने को मिला।

Paul Thomas Anderson की फिल्म One Battle After Another ने 14 नॉमिनेशन में से 6 अवॉर्ड जीते, जिनमें बेस्ट फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर शामिल हैं। वहीं Guillermo del Toro की Frankenstein ने भी 3 अवॉर्ड अपने नाम किए। बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब Jessie Buckley को मिला, जबकि बेस्ट एक्टर बने Robert Aramayo। इन सबके बीच ‘बूंग’ की जीत इसलिए अलग दिखी, क्योंकि वह सबसे शांत लेकिन सबसे असरदार आवाज बनकर उभरी।

‘बूंग’ की कहानी: संघर्षों के बीच उम्मीद

साल 2024 में रिलीज हुई ‘बूंग’ एक छोटे बच्चे की कहानी है, जो मणिपुर में अपनी मां के साथ रहता है। वह अपने पिता जॉयकुमार को खोजने निकलता है, क्योंकि उसे लगता है कि यही उसकी मां के लिए सबसे बड़ा तोहफा होगा। इस सफर में उसका साथी है उसका मारवाड़ी दोस्त राजू, जिसे समाज में बाहरी माना जाता है। नस्लीय तनाव, सामाजिक संघर्ष और अस्थिर माहौल के बीच यह फिल्म परिवार, माफी और उम्मीद की ताकत को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाती है। शायद यही वजह है कि ‘बूंग’ सिर्फ देखी नहीं गई, महसूस की गई।

See also  Kota Gold Silver Price Today: चांदी ₹5000 सस्ती, सोना भी फिसला – निवेशकों के लिए बन गया सुनहरा मौका!

क्यों खास है BAFTA 2026 में ‘बूंग’ की जीत

यह जीत मणिपुरी सिनेमा के लिए एक नया दरवाज़ा खोलती है। यह बताती है कि भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की कहानियां भी वैश्विक मंच पर उतनी ही मजबूत हैं। ‘बूंग’ ने यह साबित कर दिया कि जब कहानी सच्ची हो, तो वह हर सीमा पार कर सकती है।

इसे भी पढ़ें: Tarique Rahman Net Worth: सिर्फ 1.48 करोड़ की संपत्ति वाले तारिक रहमान, क्या यही सादगी उन्हें बनाएगी बांग्लादेश का अगला प्रधानमंत्री?

Disclaimer

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी तथ्य में समय के साथ बदलाव संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।